रामायण विहार कॉलोनी में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में प्रेस वार्ता, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
संवाददाता पीलीभीत /
आज नगर के रामायण विहार कॉलोनी में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पक्ष में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिला वक्ताओं ने भाग लेकर महिलाओं के अधिकार, सम्मान और राजनीतिक सहभागिता को लेकर अपने विचार रखे।
प्रेस वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. ऋचा वार्ष्णेय, डॉ. रश्मि चौधरी, डॉ. पूनम कटियार एवं स्काउट एवं गाइड की जिला कमिश्नर शालिनी पांडे उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान सभी वक्ताओं ने एक स्वर में नारी शक्ति को सशक्त बनाने और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. ऋचा वार्ष्णेय ने अपने संबोधन में कहा कि यदि महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते एक महिला ग्राम प्रधान से हुई मुलाकात का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का जो सुझाव मिला था, आज सरकार की योजनाएं और नीतियां उसी सोच का परिणाम हैं।
डॉ. पूनम कटियार ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस पहल से समाज में बेटियों के प्रति सोच में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने महिलाओं की राजनीति में 33 प्रतिशत भागीदारी को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं का सम्मान और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे।
डॉ. रश्मि चौधरी ने कहा कि भारत की बेटियों ने हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित की है। चाहे परिवार का विकास हो या देश का, महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि आज बेटियां विमान उड़ा रही हैं और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियानों में भी अपनी भूमिका निभा रही हैं।
स्काउट एवं गाइड की जिला कमिश्नर शालिनी पांडे ने कहा कि देश की कुल आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत है। ऐसे में यदि संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होती है, तो उनकी आवाज और अधिक मजबूत होगी और नीतियों में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।
कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के अधिकारों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए समाज के हर वर्ग से इसका समर्थन करने की अपील की। प्रेस वार्ता में स्थानीय नागरिकों और महिलाओं की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।
