आधी आबादी’ को मुख्यधारा में लाना ही भाजपा का संकल्प: गुलशन आनंद
रिपोर्ट इंद्रजीत सिंह राजपूत /
पीलीभीत। भारतीय जनता पार्टी द्वारा संचालित नारी शक्ति वंदन अधिनियम अभियान के अंतर्गत पीलीभीत सदर विधानसभा का भव्य नारी शक्ति सम्मेलन गांधी प्रेक्षागृह सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता रही, जिससे पूरा सभागार उत्साह और ऊर्जा से भर उठा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा पीलीभीत के जिला प्रभारी गुलशन आनंद एवं मुख्य वक्ता के रूप में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडे उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य ने की। वहीं, कार्यक्रम की जिला संयोजक महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष गीता मिश्रा एवं विधानसभा संयोजक रेखा सिंह परिहार रहीं। संचालन अलका चौधरी द्वारा किया गया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को राजनीति में भागीदारी का सशक्त मंच प्रदान करेगा।

मुख्य अतिथि गुलशन आनंद ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में देखा गया, लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें निर्णय लेने की मुख्यधारा में शामिल करने का कार्य किया है।
मुख्य वक्ता पुष्पा पांडे ने कहा कि यह अधिनियम सभी महिलाओं को समान अधिकार देता है और इसमें किसी प्रकार का जातिगत या धार्मिक भेदभाव नहीं किया गया है। उन्होंने विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने बिना किसी भेदभाव के महिलाओं को समान अवसर देने का संकल्प लिया है।

सम्मेलन में मरौरी ब्लॉक प्रमुख सभ्यता देवी वर्मा, नगर पंचायत नौगवां पकड़िया की चेयरमैन संदीप कौर, जिला मंत्री ऋचा सिंह पटेल, पंकजा तिवारी, पूर्व जिला उपाध्यक्ष सुषमा देवी, महिला मोर्चा नगर अध्यक्ष डॉ. अनुरिता सक्सेना, डॉ. अनीता चौरसिया, सुनीता सिंह, रत्ना शुक्ला, तृप्ति मिश्रा, ममता श्रीवास्तव सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। सम्मेलन के माध्यम से महिलाओं को राजनीतिक रूप से जागरूक करने एवं उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने का संदेश दिया गया।
