उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूती से लागू करने और नाबालिगों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता का एक अनुकरणीय उदाहरण सामने आया है। थाना सुनगढ़ी क्षेत्र में एक 9 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की जघन्य घटना के आरोपी को पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के मात्र एक घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई स्थानीय पुलिस की सतर्कता और दक्षता को रेखांकित करती है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी 9 साल की बेटी 14 जून 2026 को बाजार जाने के लिए घर से निकली थी। जब देर शाम तक बच्ची घर नहीं लौटी तो परिजन चिंतित हो गए। उन्होंने पूरे इलाके में तलाश शुरू की, लेकिन बच्ची का कोई अता-पता नहीं चला। दो दिन बाद, 16 जून को बच्ची स्वयं घर वापस लौटी। रोते हुए उसने अपनी आपबीती सुनाई। बच्ची के अनुसार, आरोपी उमर खाँ (निवासी ग्राम उगनपुर), जो परिवार का पूर्व परिचित था, ने उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही थाना सुनगढ़ी पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया। पुलिस अधीक्षक पीलीभीत के निर्देशन में थाने की टीम ने शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5M/6 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की।
निरीक्षक अपराध हरसिंह पाल के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने त्वरित गति से काम करते हुए आरोपी उमर खाँ को उसके गांव उगनपुर से ही धर दबोचा। सूत्रों के अनुसार, टीम को शिकायत मिलने से लेकर आरोपी की गिरफ्तारी तक का समय महज 60 मिनट का था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से प्रारंभिक पूछताछ की गई और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उसे 17 जून को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पीलीभीत के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस कार्रवाई पर संतोष जताते हुए कहा कि नाबालिग बच्चियों के खिलाफ होने वाली किसी भी घटना पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जा रही है। SP पीलीभीत ने कहा, “हमारी टीम रात-दिन मासूमों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसी जघन्य घटनाओं में त्वरित कार्रवाई ही अपराधियों को हतोत्साहित कर सकती है।
स्थानीय स्तर पर इस घटना ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी पूर्व परिचित होने के कारण बच्ची उसके साथ चली गई, जो उसकी मासूमियत का फायदा उठाने का स्पष्ट उदाहरण है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है।
पीलीभीत सहित पूरे उत्तर प्रदेश में नाबालिगों के खिलाफ अपराधों की घटनाएं चिंताजनक बनी हुई हैं। पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज होने वाले ऐसे मामले परिवारों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रहे हैं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय जनता में कानून व्यवस्था को लेकर विश्वास बढ़ा है।
