धर्मपाल सिंह की ब्यूरो रिपोर्ट-/
पीलीभीत। जनपद के थाना माधोटांडा क्षेत्र के ग्राम रमपुरा फकीरे में शनिवार को कथित धर्मांतरण के आरोपों को लेकर माहौल अचानक गर्मा गया। झाड़-फूंक और कथित चमत्कारों के माध्यम से ग्रामीणों को प्रभावित कर धर्म परिवर्तन कराने की शिकायत सामने आने के बाद गांव में भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन हरकत में आया तथा मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय बजरंग दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने माधोटांडा थाने में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि गांव में कुछ लोग लंबे समय से झाड़-फूंक, भूत-प्रेत उतारने और विभिन्न प्रकार के टोटकों के नाम पर लोगों को अपने प्रभाव में ले रहे थे। संगठन का आरोप है कि इसी बहाने ग्रामीणों, विशेषकर आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों को धार्मिक रूप से प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था।
शिकायत में लखीमपुर खीरी निवासी विट्टू सनम, उसके पति विनोद पुत्र दुल्लू तथा आशीष सक्सेना समेत अन्य लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं। आरोप है कि कथित चमत्कार दिखाने और बीमारियों व पारिवारिक समस्याओं के समाधान का दावा कर लोगों का विश्वास जीता जा रहा था, जिसके बाद उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाता था।
मामले की जानकारी फैलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और संगठन से जुड़े लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए भीड़ को शांत कराया और किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोक दिया।
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने मामले में चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हिरासत में लिए गए लोगों से उनके गांव में आने के उद्देश्य, गतिविधियों और स्थानीय लोगों से संपर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित धार्मिक गतिविधियां किस स्तर पर संचालित की जा रही थीं और इनके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो नहीं है।
राष्ट्रीय बजरंग दल के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि धर्मांतरण संबंधी आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों पर विधिक प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं पुलिस अधिकारियों ने मामले को संवेदनशील बताते हुए कहा है कि अभी जांच प्रारंभिक चरण में है। सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल गांव में पुलिस की नजर बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना सोशल मीडिया पर प्रसारित न करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
