कलीनगर तहसील में लगा संपूर्ण समाधान दिवस डीएम ने सुनीं समस्याएं

कलीनगर, पीलीभीत। आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से शनिवार को कलीनगर तहसील परिसर में “संपूर्ण समाधान दिवस” का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, किसानों एवं फरियादियों ने पहुंचकर अपनी विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों को प्रशासन के समक्ष रखा।

समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने एक-एक फरियादी की शिकायत को गंभीरता से सुना तथा कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया। वहीं जिन शिकायतों के समाधान के लिए विस्तृत जांच की आवश्यकता थी, उन्हें संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपते हुए निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पीड़ित व्यक्ति को समयबद्ध न्याय मिलना चाहिए और शिकायतों का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखाई देना चाहिए।

संपूर्ण समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित प्राप्त हुईं, जिनमें भूमि विवाद, पैमाइश, अवैध कब्जा तथा पट्टा आवंटन जैसे मामले प्रमुख रहे। इसके अलावा राशन कार्ड, पेंशन, ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव, सड़क, बिजली तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं भी फरियादियों द्वारा उठाई गईं।

जिलाधिकारी ने राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों को निर्देशित किया कि भूमि विवादों और अवैध कब्जों से जुड़े मामलों में मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष जांच की जाए तथा वर्षों से लंबित प्रकरणों का स्थायी समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

समाधान दिवस में फरियादियों को विभिन्न विभागों के कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाने के लिए जिले के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को दर्ज कर उनका निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि “संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें दर्ज करना नहीं, बल्कि पीड़ित व्यक्ति को वास्तविक राहत और न्याय दिलाना है। सभी अधिकारी स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर मामलों का निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।

कार्यक्रम के दौरान तहसील एवं जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे तथा जनसमस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।

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