संवाददाता- अरुन वर्मा के साथ धर्मपाल सिंह

पूरनपुर, पीलीभीत- न्याय की आस टूटे तो इंसान किस हद तक जा सकता है, इसका दर्दनाक नज़ारा रविवार को पूरनपुर कोतवाली में देखने को मिला। एक बुजुर्ग महिला हाथ में सल्फास की पुड़िया लेकर सीधे कोतवाली पहुंच गई और सबके सामने आत्महत्या की चेतावनी दे डाली। इस घटना से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ-साथ फरियादियों में भी हड़कंप मच गया।घटना घुंघचाई थाना क्षेत्र के ग्राम कड़ेया कनपरा निवासी शांति देवी पत्नी रामपाल से जुड़ी है। महिला का आरोप है कि गांव के दबंग लगातार उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं और गांव से बेदखल करने की साजिश रच रहे हैं। बीते 24 मार्च को जब वह अपनी बकरियां चरा रही थीं, तभी चार लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। तब से वह भय और असुरक्षा के साये में जीने को मजबूर हैं।
महिला का कहना है कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज तो कर लिया, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से उनके हौसले और बढ़ गए हैं। लगातार मिल रही जान से मारने की धमकियों से परेशान होकर रविवार सुबह करीब 11 बजे वह सल्फास लेकर कोतवाली पहुंच गईं।हाथ में जहर देखकर पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। महिला ने एसडीएम अजीत प्रताप सिंह को संबोधित पत्र दिखाते हुए साफ कहा— “अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं यहीं अपनी जान दे दूंगी।” इस चेतावनी के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए।स्थिति की नजाकत को समझते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। महिला को चारों तरफ से घेरकर समझाया गया और काफी मशक्कत के बाद उसके हाथ से सल्फास की पुड़िया छीन ली गई। पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाने के बाद ही महिला शांत हुई और आत्मघाती कदम उठाने का इरादा छोड़ दिया।इस मामले में कोतवाल पवन कुमार पांडे ने बताया कि घटना भले ही घुंघचाई थाना क्षेत्र की है, लेकिन शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया गया है। संबंधित थाना पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है, इस पूरे मामले में जब फोन के जरिये थाना प्रभारी घुंघचाई से बात की गई तो अलग ही तस्वीर सामने आई उनके अनुसार, महिला पहले गांव के अम्बेडकर पार्क में रहती थी, जहां वह बकरी और मुर्गियां पालती थी, जिससे आसपास के ग्रामीणों को दुर्गंध और असुविधा होती थी। इसी कारण उसे वहां से हटाया गया।बताया गया कि इसके बाद महिला सार्वजनिक शौचालय की जगह पर रहने लगी, जहां से हटाने के भी आदेश जारी हो चुके हैं। थाना प्रभारी के अनुसार, महिला अक्सर लोगों के खिलाफ शिकायतें करती रहती है और अब तक करीब 45 शिकायतें आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कर चुकी है, जिन्हें पुलिस ने जांच में फर्जी या निराधार पाया है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों के खिलाफ महिला आरोप लगा रही है, उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।लेकिन इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है क्या आम आदमी को न्याय पाने के लिए अब अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ेगी?
