संवाददाता:- अरुन वर्मा के साथ धर्मपाल सिंह/

पीलीभीत:- जनपद की सड़कों पर ओवरलोड वाहन लगातार खतरे का सबब बनते जा रहे हैं। लकड़ी से लदी ये ट्रैक्टर-ट्रालियां क्षमता से कई गुना ज्यादा भार लेकर बिना किसी ठोस निगरानी के सड़कों पर दौड़ रही हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है माधौटांडा क्षेत्र में रात के समय ऐसे ओवरलोड वाहन (ट्रैक्टर-ट्राली) खुलेआम नजर आते हैं, जिनमें न तो सुरक्षा मानकों का पालन होता है और न ही यातायात नियमों की कोई परवाह की जाती है। बावजूद इसके जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई का अभाव साफ दिखाई देता है। परिवहन विभाग (RTO) और स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है, लेकिन जमीनी स्तर पर निगरानी और कार्रवाई की कमी से हालात चिंताजनक बने हुए हैं। नियम तो बने हैं, लेकिन उनका सख्ती से पालन कराना अब भी चुनौती बना हुआ है।विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरलोडिंग से हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, साथ ही सड़कें भी तेजी से खराब होती हैं, जिससे सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
