कलीनगर में एसडीएम प्रमेश कुमार की अगुवाई में जनगणना प्रशिक्षण शुरू, दिए अहम निर्देश

संवाददाता:- अरुन वर्मा के साथ धर्मपाल सिंह

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पीलीभीत/कलीनगर:- भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना-2027 के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” के तहत तहसील कलीनगर में सुपरवाइजर एवं प्रगणकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया यह प्रशिक्षण गोमती उद्गम स्थल सभागार में आयोजित किया जा रहा है, जहां अधिकारियों ने जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता और सटीकता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए। कार्यक्रम का शुभारंभ तहसील कलीनगर के उपजिलाधिकारी प्रमेश कुमार की उपस्थिति में हुआ इस अवसर पर तहसीलदार वीरेंद्र कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सुपरवाइजर्स और प्रगणकों को जनगणना के महत्व, कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम को तीन बैचों में आयोजित किया गया है। प्रथम बैच का प्रशिक्षण 15 से 17 अप्रैल 2026 तक चलेगा। द्वितीय बैच का प्रशिक्षण 20 से 22 अप्रैल 2026 तक तथा तृतीय बैच का प्रशिक्षण 23 से 25 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक बैच में अलग-अलग क्षेत्रों के कर्मचारियों को शामिल कर उन्हें व्यवहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एसडीएम प्रमेश कुमार ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक है। इसके आधार पर सरकार विभिन्न विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और जनहित की नीतियों का निर्धारण करती है। उन्होंने कहा कि सभी प्रगणक और सुपरवाइजर अपने कार्य को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करें, ताकि जनगणना का आंकड़ा शत-प्रतिशत सही और विश्वसनीय हो। तहसीलदार वीरेंद्र कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान कहा कि मकान सूचीकरण के समय प्रत्येक भवन, परिवार और उससे जुड़ी जानकारी को सावधानीपूर्वक दर्ज करना होगा किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि आगे की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने और शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना प्रपत्र भरने की प्रक्रिया, मोबाइल एप के उपयोग, ऑनलाइन डेटा अपलोड, सत्यापन और रिपोर्टिंग की जानकारी दी गई। साथ ही फील्ड में आने वाली संभावित समस्याओं और उनके समाधान पर भी चर्चा की गई अधिकारियों ने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण में क्षेत्र के प्रत्येक मकान, उसके उपयोग, निर्माण की स्थिति तथा उसमें निवास करने वाले परिवारों से संबंधित मूलभूत जानकारी एकत्र की जाएगी। इसी आधार पर आगे की जनगणना प्रक्रिया को व्यवस्थित और सटीक बनाया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सुपरवाइजर, प्रगणक और संबंधित विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन को उम्मीद है कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से जनगणना-2027 का कार्य सुचारू, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा।

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