गौसेवा का जज्बा: हरिपुर फुलहर में ग्राम विकास अधिकारी ओम प्रकाश गंगवार ने खुद पिलाया गौवंश को पानी

संवाददाता :- अरुन वर्मा के साथ धर्मपाल सिंह

पीलीभीत:- विकासखंड पूरनपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत हरिपुर फुलहर में उस समय एक अलग ही मानवीय तस्वीर देखने को मिली, जब ग्राम विकास अधिकारी ओम प्रकाश गंगवार ने अपने कर्तव्यों से आगे बढ़कर संवेदनशीलता और सेवा भाव का परिचय दिया पंचायत के नियमित भ्रमण के दौरान वे गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने न सिर्फ व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया, बल्कि स्वयं अपने हाथों से गौवंश को पानी पिलाकर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।

गौशाला में पहुंचते ही ग्राम विकास अधिकारी ने वहां की साफ-सफाई, चारे की उपलब्धता, पानी की व्यवस्था और पशुओं के स्वास्थ्य की स्थिति का गंभीरता से जायजा लिया निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कुछ व्यवस्थाओं में और सुधार की आवश्यकता है, जिस पर उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मचारियों और जिम्मेदार लोगों को सख्त निर्देश दिए कि गौवंश की सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गौशालाएं केवल एक योजना का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि यह हमारी संस्कृति, आस्था और मानवीय जिम्मेदारी से जुड़ा विषय है।

गौवंश की उचित देखभाल, समय पर भोजन-पानी और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि नियमित रूप से पशुओं की स्वास्थ्य जांच कराई जाए और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल समाधान किया जाए। इस दौरान जब उन्होंने स्वयं पानी की बाल्टी उठाकर पशुओं को पानी पिलाया, तो वहां मौजूद ग्रामीणों के बीच यह दृश्य चर्चा का विषय बन गया। ग्रामीणों ने उनकी इस पहल की जमकर सराहना की और कहा कि जब अधिकारी खुद जमीन पर उतरकर इस तरह कार्य करते हैं, तो इससे समाज में एक सकारात्मक संदेश जाता है और अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है

ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे अधिकारी न केवल अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, बल्कि समाज को दिशा देने का कार्य भी करते हैं। उनकी यह पहल दर्शाती है कि यदि हर जिम्मेदार व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति सजग हो जाए, तो व्यवस्थाओं में स्वतः सुधार आ सकता है। गौशाला में मौजूद पशुओं की सेवा कर ग्राम विकास अधिकारी ओम प्रकाश गंगवार ने यह साबित कर दिया कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ मानवीय संवेदनाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। उनका यह कदम न केवल स्थानीय स्तर पर सराहा जा रहा है, बल्कि अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी एक प्रेरणा बनकर उभर रहा।

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