संवाददाता:- धर्मपाल सिंह, अरुन वर्मा

पीलीभीत:- जहां एक ओर प्रदेश भर में कई राजकीय एवं एडेड महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या और शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट की खबरें सामने आ रही हैं, वहीं कलीनगर तहसील क्षेत्र के नवदिया धनेश में स्थित स्ववित्तपोषित राजकीय महाविद्यालय ने अपनी अलग पहचान बनाते हुए एक मिसाल पेश की है। वर्ष 2022 में मात्र 60 छात्र-छात्राओं से शुरू हुआ यह महाविद्यालय आज 1200 से अधिक छात्रों के साथ शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार यहां छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिसमें नियमित पढ़ाई के साथ खेल-कूद, सांस्कृतिक गतिविधियां और अन्य कार्यक्रम भी शामिल हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनंत प्रकाश ने बताया कि संस्थान में अनुशासन, साफ-सफाई और हरियाली का विशेष ध्यान रखा जाता है। शिक्षक समय से कक्षाओं में पहुंचकर पूरी निष्ठा के साथ शिक्षण कार्य करते हैं। परीक्षा के समय भी पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ व्यवस्था लागू की जाती है।नतीजतन, यहां हर वर्ष लगभग 80 प्रतिशत से अधिक छात्र-छात्राएं छात्रवृति प्राप्त कर रहे हैं। इसके साथ ही कॉलेज में सेमिनार, कार्यशालाएं और विभिन्न विभागों द्वारा समय-समय पर आयोजन किए जाते हैं, जिससे छात्रों का आत्मविश्वास और ज्ञान दोनों बढ़ता है। महाविद्यालय प्लेसमेंट और रोजगार के अवसरों पर भी विशेष ध्यान देता है। इसके लिए रोजगार विभाग और अन्य संस्थाओं से समन्वय बनाकर छात्रों को मार्गदर्शन दिया जाता है। छात्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाता है और उनके सुझावों को भी प्राथमिकता दी जाती है। प्रबंधन, प्रशासन और विश्वविद्यालय के सहयोग से यह महाविद्यालय लगातार प्रगति की ओर अग्रसर है। शिक्षकों और कर्मचारियों की मेहनत का ही परिणाम है कि महज कुछ वर्षों में इस संस्थान ने जिले ही नहीं, बल्कि मॉडल स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना ली है।
