गोमती बहे या न बहे, कागज़ों में हर साल अविरल बह रही योजनाओं की धारा

संवाददाता:- अरुन वर्मा, धर्मपाल सिंह

पीलीभीत:- माधौटांडा स्थित मां गोमती के उद्गम स्थल को लेकर एक बार फिर प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है। उद्गम स्थल के पुनरुद्धार और साफ-सफाई को लेकर अभियान शुरू किया गया है इससे पहले भी समय-समय पर गोमती के संरक्षण और सौंदर्यीकरण को लेकर कई योजनाएं बनाई गईं, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित सुधार पूरी तरह दिखाई नहीं दे सका। इससे पहले जिले में तैनात रह चुके डीएम अखिलेश कुमार मिश्रा और पुलकित खरे ने भी मां गोमती की धारा को अविरल बनाए रखने और उद्गम स्थल के विकास के लिए प्रयास किए थे। समय-समय पर विभिन्न योजनाओं के तहत कार्य भी कराए गए, लेकिन स्थायी व्यवस्था बनाए रखना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। हर नए प्रयास के साथ लोगों में उम्मीद जरूर जागती है कि इस बार व्यवस्थाओं में स्थायी सुधार होगा।

वर्तमान में भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किए जाh रहे हैं और उद्गम स्थल को बेहतर बनाने की कवायद जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमित साफ-सफाई, जल प्रवाह और रखरखाव पर लगातार ध्यान दिया जाए तो मां गोमती का स्वरूप काफी बेहतर हो सकता है।

लोगों को उम्मीद है कि इस बार शुरू हुआ अभियान लंबे समय तक असर दिखाएगा और व्यवस्थाएं केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रहेंगी।अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चल रहा पुनरुद्धार अभियान धरातल पर कितना स्थायी बदलाव ला पाता है।

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