संवाददाता:- धर्मपाल सिंह, अरुन वर्मा

पीलीभीत:- कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव बूँदी भूड़ में प्रस्तावित शराब भट्टी को लेकर बवाल अब राजनीतिक रंग पकड़ता जा रहा है। शराब दुकान के विरोध में महिलाओं पर कथित लाठीचार्ज और बदसलूकी के आरोपों को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अफसरों से मुलाकात कर दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई।कांग्रेस जिला अध्यक्ष हरप्रीत पाल सिंह चब्बा और शहर अध्यक्ष श्रीकृष्ण गंगवार के नेतृत्व में पीड़ित महिलाएं पुलिस उपाधीक्षक नताशा गोयल और सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन सिंह से मिलीं।
प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की।ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के चौराहे पर खोली जा रही कंपोजिट शराब दुकान मंदिर और विद्यालय के बेहद करीब है, जो शराब नीति के नियमों के खिलाफ है। गांव वालों ने पहले भी जिला प्रशासन से शिकायत की थी और दुकान हटवाने का आश्वासन मिला था, लेकिन इसके बावजूद दुकान में शराब का स्टॉक पहुंचा दिया गया।आरोप है कि शुक्रवार दोपहर आबकारी विभाग, राजस्व टीम और भारी पुलिस बल गांव पहुंचा और शराब बिक्री शुरू करा दी। इसी दौरान विरोध करने पहुंची महिलाओं और ग्रामीणों की पुलिस से तीखी झड़प हो गई। महिलाओं का कहना है कि विरोध करने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में लाठीचार्ज कराया गया, जिससे कई महिलाएं घायल हो गईं।पीड़ित महिला शीतल का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के साथ अभद्रता की, कपड़े फाड़ दिए और शिकायत देने पर भी थाना माधोटांडा पुलिस ने प्रार्थना पत्र लेने से इनकार कर दिया। घायल महिलाओं ने उत्तराखंड के खटीमा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल परीक्षण कराने का दावा किया है।कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले को “महिलाओं की आवाज दबाने की कोशिश” बताते हुए कहा कि यदि दोषी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।प्रतिनिधिमंडल में जिला महासचिव नरेश शुक्ला, ब्लॉक अध्यक्ष हरीश कुमार सिंह मौर्य, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और पीड़ित महिलाएं मौजूद रहीं।
