मोदी का मास्टरस्ट्रोक: काफिले में कटौती, अब EV की बारी PM मोदी ने आधा किया अपना काफिला
रिपोर्ट इंद्रजीत सिंह राजपूत//
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मितव्ययिता और ईंधन संरक्षण के अपने बार-बार दिए गए आह्वान को अब खुद से शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या आधी करने के सख्त निर्देश दिए हैं और साथ ही इलेक्ट्रिक गाड़ियों को शामिल करने का फैसला लिया है।
देखिए, ये कदम प्रतीकात्मक रूप से बेहद मजबूत है। जब देश में आम आदमी पेट्रोल-डीजल की महंगाई से जूझ रहा है, जलवायु परिवर्तन एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है और सरकार बार-बार ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने की बात कर रही है तो प्रधानमंत्री का खुद इस दिशा में आगे बढ़ना जनता को जागरूक करने का सशक्त प्रयास लगता है।
ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ये एक सकारात्मक शुरुआत है। प्रधानमंत्री का ये कदम ई-व्हीकल अपनाने की दिशा में अहम संकेत भी देता है। अगर ये सिर्फ प्रधानमंत्री के काफिले तक सीमित नहीं रहा और पूरे सरकारी तंत्र, मंत्रालयों और राज्यों तक फैलाया गया, तो असली बदलाव आ सकता है।
लेकिन सवाल भी उठता है। सुरक्षा व्यवस्था से समझौता नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री की सुरक्षा देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। VVIP प्रोटोकॉल में कटौती करते समय सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिशों को पूरी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। प्रतीकात्मक मितव्ययिता अच्छी है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता।
पीएम मोदी का उदाहरण पेश करने वाला कदम है ये, इसमें कोई शक नहीं। अब देखना ये होगा कि ये एक अच्छी शुरुआत है या फिर सिर्फ एक फोटो-ऑप और संदेश भर। क्या पूरा सरकारी अमला इस मितव्ययिता की संस्कृति को अपनाएगा? या फिर ये सिर्फ शीर्ष पर रह जाएगा
