विकास की गंगा में डूबा पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन, गड्ढों में हिचकोले खा रहा इको-टूरिज्म

संवाददाता:- अरुन वर्मा, धर्मपाल सिंह

पीलीभीत:- टाइगर रिजर्व पहुंचने वाली बाईफरकेशन सड़क इन दिनों (एडवेंचर टूरिज्म) का नया मॉडल बन चुकी है। फर्क बस इतना है कि यहां रोमांच जंगल नहीं, सड़क के गड्ढे दे रहे हैं। सड़क पर चलते ही वाहन ऐसे उछलते हैं मानो सरकार ने मुफ्त “जंगल सफारी विथ सस्पेंशन टेस्ट” शुरू कर दिया हो।

कागजों में विकास की गंगा बह रही है, लेकिन जमीन पर सड़क की परतें बह चुकी हैं। पर्यटक टाइगर देखने आते हैं, मगर पहले सड़क उन्हें अपने तेवर दिखा देती है। बाइक सवार हर मोड़ पर भगवान और ब्रेक दोनों को याद करते नजर आते हैं।

स्थानीय लोग बताते हैं कि सड़क की मरम्मत कुछ महीने पहले ही हुई थी, शायद इसलिए अब गिट्टियां जनता को विकास कार्यों की याद दिलाने बाहर आ गई हैं। सवाल यही है कि जब पर्यटन स्थल तक पहुंचने का रास्ता ही दर्दभरा हो, तो इको-टूरिज्म आखिर पर्यटकों को आकर्षित करेगा या अस्पतालों को?

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