पीलीभीत से उठी लेखपालों की हुंकार 5 अगस्त से आंदोलन का ऐलान CM के लिए पत्र

पीलीभीत। तहसील मुख्यालय पर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की बैठक तहसील अध्यक्ष कृष्ण मुरारी एवं तहसील मंत्री वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में आयोजित की गई। बैठक में लंबे समय से लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा शासन से शीघ्र समाधान की मांग उठाई गई। बैठक के बाद लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से सौंपकर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की।

ज्ञापन में लेखपाल संघ ने कहा कि वर्षों से विभिन्न मांगें लंबित पड़ी हैं, लेकिन शासन एवं राजस्व परिषद की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे प्रदेशभर के लेखपालों में व्यापक असंतोष व्याप्त है। संघ ने वर्ष 2025-26 की लंबित स्थानांतरण सूची तत्काल जारी करने, वर्ष 2024 की विभागीय परीक्षा का परिणाम एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र घोषित करने, विभिन्न भत्तों में वृद्धि करने तथा भूलेख एवं राजस्व कार्यों से जुड़ी अव्यवहारिक व्यवस्थाओं में सुधार किए जाने की मांग की।

संघ ने यह भी कहा कि ग्राम सचिवालयों में बिना पर्याप्त संसाधनों, सुरक्षा व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं के लेखपालों की नियमित तैनाती व्यवहारिक नहीं है। एक-एक लेखपाल के पास कई ग्रामों का कार्यभार होने के कारण सभी स्थानों पर समयबद्ध ढंग से कार्य करना संभव नहीं हो पाता, जिससे राजस्व कार्यों के साथ-साथ आम जनता को मिलने वाली सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।लेखपाल संघ ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी कई बार शासन को ज्ञापन देकर समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई।

इसी कारण संगठन ने आंदोलन की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 5 अगस्त 2026 से प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।संघ के अनुसार आंदोलन के प्रथम चरण में सभी लेखपाल केवल अपने मूल हल्के का कार्य करेंगे तथा अतिरिक्त हल्कों एवं बस्तों का कार्य संबंधित तहसील एवं राजस्व अधिकारियों को वापस कर देंगे। आवश्यकता पड़ने पर ऑनलाइन कार्यों सहित अन्य शासकीय कार्यों के बहिष्कार का निर्णय भी लिया जा सकता है।

लेखपाल संघ ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य आमजन को असुविधा पहुंचाना नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित न्यायोचित मांगों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करना है। संगठन ने कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और इसके परिणामस्वरूप राजस्व प्रशासन अथवा जनसेवा प्रभावित होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन एवं संबंधित अधिकारियों की होगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान तहसील अध्यक्ष कृष्ण मुरारी, तहसील मंत्री वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लेखपाल, संघ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता लेखपाल कोषाध्यक्ष चंद्रभान सिंह उप मंत्री पुष्पा यादव ,ज्योति सिंह, दीपक सागर तेज बहादुर गंगवार , विनय गंगवार, शल्य सिंह,विनय कुमार त्रिवेदी सिद्धार्थ मिश्रा, सुमित मिश्रा लोकेश कुमार सहित अन्य लेखपाल उपस्थित रहे

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