
राकेश बाबू,पीलीभीत।मरौरी ब्लॉक के महुआ गांव निवासी एवं क्षेत्र के सम्मानित, मिलनसार और समाजसेवी व्यक्तित्व डॉ. रामविलास मौर्य ‘गुरुदेव’ का मंगलवार सायं हृदय गति रुक जाने से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण, शुभचिंतक और परिचित उनके आवास पर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त करते रहे।
डॉ. रामविलास मौर्य अपने सरल स्वभाव, विनम्र व्यवहार और समाज के प्रति समर्पित सोच के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपने जीवन में अनेक लोगों का मार्गदर्शन किया और हमेशा जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्पर रहे। उनके निधन से महुआ गांव ही नहीं, पूरे क्षेत्र ने एक सम्मानित एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व को खो दिया है।
परिजनों के अनुसार मंगलवार शाम अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा। आनन-फानन में उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। देर रात्रि वह गोलोकवासी हो गए।पैतृक गांव महुआ में उनका बुधवार को दोपहर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
डॉ. रामविलास मौर्य ग्राम विकास अधिकारी लाल बहादुर मौर्य के बड़े भाई तथा एफसीआई अधिकारी कुंवर पाल मौर्य के चाचा थे। उनके परिवार का क्षेत्र में सम्मानजनक स्थान है और परिवार लंबे समय से सामाजिक एवं प्रशासनिक क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देता रहा है।
अपने पीछे वे पत्नी श्रीमती जसोदा देवी को छोड़ गए हैं। उनकी कोई संतान नहीं थी। जीवनसाथी का असमय साथ छूट जाने से जसोदा देवी गहरे सदमे में हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
