धूमधाम से निकली श्याम निशान गुणगान पदयात्रा, गुलाल की फुहारों के बीच गूंजे बाबा के जयकारे

बिल्सी (संवाददाता सूरज सागर)

नगर में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री श्याम सेवा मंडल के तत्वावधान में भक्ति और उल्लास से सराबोर श्याम निशान गुणगान पदयात्रा धूमधाम से निकाली गई। श्रद्धालु श्री खाटू श्याम जी का पावन निशान लेकर श्याम भवन से जजपुरा स्थित मंदिर तक पहुंचे। पदयात्रा के दौरान नगर का वातावरण “हारे के सहारे, बाबा श्याम हमारे” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

कार्यक्रम का शुभारंभ कोतवाल मनोज कुमार एवं वीके मौर्य ने विधिवत पूजन कर किया। श्याम भवन में अखंड ज्योति से पावन निशान की पूजा-अर्चना के बाद पदयात्रा प्रारंभ हुई। यात्रा मुख्य बाजार, बालाजी तिराहा, नखासा, मंडी समिति होते हुए जजपुरा उझानी स्थित खाटू श्याम मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

पदयात्रा की छटा देखते ही बन रही थी। भक्त अबीर-गुलाल उड़ाते हुए, एक-दूसरे को रंग लगाते और बाबा के भजनों पर झूमते हुए आगे बढ़ रहे थे। नगरवासी भी जगह-जगह खड़े होकर श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर रहे थे। बिसौली, चंदौसी, बहजोई, बेहटा गोसाई और उघेती क्षेत्र से आए सैकड़ों श्याम प्रेमियों की भागीदारी ने आयोजन को भव्य रूप दिया।

इस अवसर पर प्रदीप वार्ष्णेय, निशांत वार्ष्णेय एवं लवकुश सोमानी ने अपने प्रतिष्ठानों पर श्रद्धालुओं का स्वागत कर जलपान की व्यवस्था की। श्याम प्रेमी विकास वार्ष्णेय ‘बब्बू भैया’ ने बताया कि राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू धाम में बाबा श्याम का विख्यात मंदिर है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु निशान चढ़ाने पहुंचते हैं।

उन्होंने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार महाभारत काल में भीम के पौत्र बर्बरीक को मां दुर्गा से तीन बाण का वरदान प्राप्त था। भगवान श्रीकृष्ण ने जनकल्याण हेतु उनसे शीशदान मांगा, जिसे बर्बरीक ने सहर्ष अर्पित कर दिया। तब श्रीकृष्ण ने उन्हें ‘श्याम’ नाम देकर कलियुग में पूजा जाने का आशीर्वाद दिया।

पदयात्रा में बंगाली बाबू, रजनीश शर्मा, रोहित, राजा बाबू, भविष्य वार्ष्णेय, अंशुल, अर्पित, अर्चित, अविरल, दिनेश वार्ष्णेय (डी.डी.), गोपाल वार्ष्णेय, मोहित वार्ष्णेय, यतीन्द्र माहेश्वरी, प्रफुल्ल वार्ष्णेय, मनमोहन साही, लवलेश वार्ष्णेय, पंकज वार्ष्णेय, सागर वार्ष्णेय, गौरव वार्ष्णेय सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल रहे।

पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुचारु रही। भक्ति, आस्था और उत्साह से सराबोर यह पदयात्रा नगरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही

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