गजरौला थाना क्षेत्र के ग्राम दियूनी बहादुर गंज का मामला

पीलीभीत गजरौला थाना क्षेत्र के ग्राम दियूनी बहादुर गंज में हरे-भरे पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान ने सड़क निर्माण के नाम पर छह जामुन और एक नीम के पेड़ पर आरा चलवा दिया। वर्षों पुराने ये पेड़ गांव की पहचान माने जाते थे और राहगीरों को घनी छाया प्रदान करते थे।

वर्षों पुराने पेड़ों पर चला आरा, ग्रामीणों में रोष व्याप्त
ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्य की आड़ में हरियाली उजाड़ दी गई। लोगों ने प्रधान को “हरियाली का दुश्मन” तक कह डाला। उनका आरोप है कि पेड़ों की कटाई बिना स्पष्ट और सार्वजनिक अनुमति के की गई, जिससे पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी हुई है।

मामले में वन विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बावजूद वन विभाग के कर्मचारियों ने केवल खानापूर्ति की और ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे लोगों में और नाराजगी फैल गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण जरूरी है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण की अनदेखी कर विकास करना उचित नहीं। यदि पेड़ बाधा बन रहे थे तो नियमानुसार अनुमति लेकर वैकल्पिक वृक्षारोपण किया जाना चाहिए था।ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और क्षतिपूर्ति स्वरूप नए पौधरोपण की मांग की है। फिलहाल गांव में इस मुद्दे को लेकर माहौल गरम है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
