संवाददाता इंद्रजीत सिंह राजपूत
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के मुख्य कार्यालय में शुक्रवार को उस समय हंगामा मच गया, जब एक संविदा महिला कर्मचारी ने कार्यालय के लिपिक पर मोबाइल पर आपत्तिजनक संदेश भेजकर परेशान करने का आरोप लगाया। महिला के पति के विरोध जताने पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और मामला धक्का-मुक्की व हाथापाई तक पहुंच गया। इस घटनाक्रम से कुछ देर के लिए कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित रहा।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला कर्मचारी का आरोप है कि कार्यालय का लिपिक काफी समय से उसे मोबाइल पर आपत्तिजनक मैसेज भेजकर मानसिक रूप से परेशान कर रहा था। महिला का कहना है कि सामाजिक प्रतिष्ठा और नौकरी की मजबूरी के कारण वह अब तक चुप रही, लेकिन जब उत्पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ने लगीं तो उसने यह बात अपने परिजनों को बता दी।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को जब महिला के पति को कथित चैट की जानकारी हुई, तो वह सीधे पीटीआर मुख्यालय पहुंच गया और लिपिक से इस संबंध में जवाब-तलब करने लगा। इस दौरान कार्यालय परिसर में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई, जिससे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पीड़ित महिला कर्मचारी ने अपने परिजनों की मौजूदगी में कहा कि वह लंबे समय से मानसिक दबाव में काम कर रही थी। उसका आरोप है कि लिपिक बार-बार मोबाइल पर मैसेज भेजकर उसे परेशान करता था, जिससे वह काफी तनाव में थी।
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों में भी हलचल मच गई। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभारी फील्ड डायरेक्टर पी.पी. सिंह ने बताया कि कार्यालय में हंगामे की सूचना मिली है। यदि महिला कर्मचारी की ओर से औपचारिक शिकायत मिलती है तो पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
