धर्मपाल सिंह ब्यूरो रिपोर्ट पीलीभीत
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की जनपद शाखा पीलीभीत की लंबित मांगों के निस्तारण में हो रही देरी को लेकर लेखपालों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शनिवार को लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ रोष जताया और समस्याओं का समाधान न होने पर कार्य बहिष्कार जारी रखने की चेतावनी दी।
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि 8 अक्तूबर 2025 को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर लेखपालों की समस्याओं के समाधान की मांग की गई थी। इसके बाद 26 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी के साथ बैठक भी हुई थी। बैठक के क्रम में एक जनवरी 2026 को भूलेख अनुभाग की ओर से पत्र जारी कर मांगों से संबंधित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था।
लेखपाल संघ का कहना है कि इसके बाद भी कई बार संबंधित अधिकारियों से मिलकर कार्रवाई कराने का अनुरोध किया गया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। करीब पांच महीने बीत जाने के बावजूद मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे लेखपालों में असंतोष बढ़ गया है।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि यह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि किन समस्याओं का समाधान हुआ है और किनका नहीं। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से भी निर्देश दिए गए हैं कि मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों की समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रत्येक 15 दिन में बैठक आयोजित की जाए, लेकिन इन निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर 11 मार्च 2026 को हुई संघ की बैठक में आंदोलन का निर्णय लिया गया था। उसी के तहत शनिवार को लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
